पढ़िए दफ़्तर 5 पैगंबर मुस्तफा (उन पर सलाम) के इस कथन की व्याख्या में कि तुम्हें एक ऐसे साथी के साथ दफन होना ही होगा जो जीवित है और तुम उसके साथ मरे हुए दफन होते हो। यदि वह उदार था तो तुम्हें सम्मान देगा, और यदि वह नीच था तो तुम्हें त्याग देगा। और वह साथी तुम्हारा कर्म है, इसलिए जितना हो सके उसे सुधारो। रसूलुल्लाह ने सच कहा। शेर 1051

M5:1051 — گر بود نیکو ابد یارت شود / ور بود بد در لحد مارت شود

گر بود نیکو ابد یارت شودور بود بد در لحد مارت شود
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:1051

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.