पढ़िए› दफ़्तर 5› पैगंबर मुस्तफा (उन पर सलाम) के इस कथन की व्याख्या में कि तुम्हें एक ऐसे साथी के साथ दफन होना ही होगा जो जीवित है और तुम उसके साथ मरे हुए दफन होते हो। यदि वह उदार था तो तुम्हें सम्मान देगा, और यदि वह नीच था तो तुम्हें त्याग देगा। और वह साथी तुम्हारा कर्म है, इसलिए जितना हो सके उसे सुधारो। रसूलुल्लाह ने सच कहा।› शेर 1064
M5:1064 — در دل سالک اگر هست آن رموز / رمزدانی نیست سالک را هنوز
در دل سالک اگر هست آن رموزرمزدانی نیست سالک را هنوز
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M5:1064
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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