पढ़िए दफ़्तर 5 पैगंबर मुस्तफा (उन पर सलाम) के इस कथन की व्याख्या में कि तुम्हें एक ऐसे साथी के साथ दफन होना ही होगा जो जीवित है और तुम उसके साथ मरे हुए दफन होते हो। यदि वह उदार था तो तुम्हें सम्मान देगा, और यदि वह नीच था तो तुम्हें त्याग देगा। और वह साथी तुम्हारा कर्म है, इसलिए जितना हो सके उसे सुधारो। रसूलुल्लाह ने सच कहा। शेर 1067

M5:1067 — تو هنوز از خارج آن را طالبی / محلبی از دیگران چون حالبی

تو هنوز از خارج آن را طالبیمحلبی از دیگران چون حالبی
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M5:1067

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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