पढ़िए दफ़्तर 5 पैगंबर मुस्तफा (उन पर सलाम) के इस कथन की व्याख्या में कि जो सभी चिंताओं में से एक चिंता को चुनेगा, अल्लाह उसे उसकी अन्य चिंताओं से पर्याप्त कर देगा। और जिसके पास अनेक चिंताएं होंगी, अल्लाह को कोई परवाह नहीं होगी कि वह किस घाटी में नष्ट हो। शेर 1091

M5:1091 — نعمت حق را به جان و عقل ده / نه به طبع پر زحیر پر گره

نعمت حق را به جان و عقل دهنه به طبع پر زحیر پر گره
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M5:1091

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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