पढ़िए दफ़्तर 5 पैगंबर मुस्तफा (उन पर सलाम) के इस कथन की व्याख्या में कि जो सभी चिंताओं में से एक चिंता को चुनेगा, अल्लाह उसे उसकी अन्य चिंताओं से पर्याप्त कर देगा। और जिसके पास अनेक चिंताएं होंगी, अल्लाह को कोई परवाह नहीं होगी कि वह किस घाटी में नष्ट हो। शेर 1096

M5:1096 — زهر تن را نافعست و قند بد / تن همان بهتر که باشد بی‌مدد

زهر تن را نافعست و قند بدتن همان بهتر که باشد بی‌مدد
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M5:1096

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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