पढ़िए दफ़्तर 5 उस व्यक्ति की कहानी जिसने पैगंबरी का दावा किया। उससे कहा गया, 'तुमने क्या खाया है कि तुम बहकी हुई बातें कर रहे हो?' उसने कहा, 'यदि मुझे कुछ मिला होता जो मैं खाता, तो मैं न तो बहका हुआ होता और न ही बहकी हुई बातें करता।' क्योंकि हर अच्छी बात जो अयोग्य व्यक्ति से कही जाती है, वह बहकी हुई बात मानी जाती है, भले ही ऐसी बहकी हुई बात कहने के लिए आदेश दिया गया हो। शेर 1137

M5:1137 — اشتهی داری چه خوردی بامداد / که چنین سرمستی و پر لاف و باد

اشتهی داری چه خوردی بامدادکه چنین سرمستی و پر لاف و باد
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M5:1137

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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