पढ़िए› दफ़्तर 5› एक दिलवाले (सूफी) ने एक गर्भवती कुतिया को देखा जिसके पेट में पिल्ले भौंक रहे थे। वह आश्चर्यचकित रह गया कि कुत्ते के भौंकने की हिकमत रखवाली है, लेकिन माँ के पेट के अंदर भौंकना रखवाली नहीं है। और भौंकना मदद या दूध मांगने के लिए भी हो सकता है, और वहाँ इन फायदों में से कोई भी नहीं है। जब वह होश में आया तो उसने खुदा से दुआ की, "और कोई नहीं जानता इसकी व्याख्या सिवाय अल्लाह के।" जवाब आया कि यह उन लोगों की हालत है जो हिजाब से बाहर नहीं आए हैं और जिनकी दिल की आँखें नहीं खुली हैं, फिर भी वे बसीरत (अंतर्दृष्टि) का दावा करते हैं और बातें कहते हैं जिनसे न तो उन्हें कोई ताकत और मदद मिलती है और न ही सुनने वालों को कोई हिदायत और रोशनी।› शेर 1471
M5:1471 — ماند حسرت بر حریصان تا ابد / همچو حال اهل ضروان در حسد
M5:1471
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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