पढ़िए› दफ़्तर 5› यह बताते हुए कि जो कुछ बयान किया जाता है वह कहानी का रूप है, और फिर वह एक ऐसा रूप है जो इन रूप ग्रहण करने वालों के लिए उपयुक्त है और उनकी कल्पना के आईने के लिए उपयुक्त है। और इस कहानी की जो पवित्रता है, उससे बात करना शर्म महसूस करता है, और शर्मिंदगी से सिर, दाढ़ी और कलम गुम हो जाते हैं। और समझदार के लिए इशारा काफी है।› शेर 1897
M5:1897 — خود تو میخوانی نه من ای مقتدی / من که طورم تو موسی وین صدا
خود تو میخوانی نه من ای مقتدیمن که طورم تو موسی وین صدا
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M5:1897
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
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