पढ़िए दफ़्तर 5 उस चुगलखोर अमीर का आधी रात को अपने सिपाहियों के साथ अयाज़ के उस कमरे को खोलना और लटके हुए चमड़े के कोट और जूती को देखना, और यह मानना कि यह एक चाल और ढोंग है, और घर में हर कोने में जहाँ गड्ढा होने का शक हुआ, वहाँ खोदने वाले बुलवा कर खुदाई करवाना, और दीवारों में छेद करवाना, और कुछ न पाना, और शर्मिंदा और निराश होना, जैसे बदनुमा शक करने वाले और खयाली लोग नबियों और औलिया के मामले में जो कहते थे कि वे जादूगर हैं और उन्होंने खुद को बनाया है और वे पदवी चाहते हैं, छानबीन के बाद शर्मिंदा होते हैं और कोई फायदा नहीं होता। शेर 2064

M5:2064 — حجره را با حرص و صدگونه هوس / باز کردند آن زمان آن چند کس

حجره را با حرص و صدگونه هوسباز کردند آن زمان آن چند کس
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M5:2064

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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