पढ़िए दफ़्तर 5 उस व्यक्ति के बारे में बयान जो ऐसी बात कहता है जो उसकी स्थिति और दावे के अनुरूप नहीं होती, जैसे कि काफ़िर और "और यदि तुम उनसे पूछो कि आसमानों और ज़मीन को किसने पैदा किया, तो वे ज़रूर कहेंगे 'अल्लाह'।" पत्थरों की मूर्तियों की सेवा करना और अपनी जान व माल उन पर कुर्बान करना उस जान के लिए कैसे उपयुक्त हो सकता है जो जानती है कि आसमानों और ज़मीन और सारी मखलूकात का खालिक अल्लाह है जो सुनने वाला, देखने वाला, हाज़िर, निगरां, गयूर (ईर्ष्यालु) है, आदि। शेर 2203

M5:2203 — نامهٔ پر ظلم و فسق و کفر و کین / لایقست انصاف ده اندر یمین

نامهٔ پر ظلم و فسق و کفر و کینلایقست انصاف ده اندر یمین
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:2203

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.