पढ़िए› दफ़्तर 5› यह बताते हुए कि वासिल (अल्लाह से जुड़ा हुआ) आरिफ की दुआ और अल्लाह से उसकी मांग खुद अल्लाह की अपनी मांग की तरह है कि "मैं उसके कान, आँख, ज़बान और हाथ बन गया," और उनका कथन "और जब तुमने तीर चलाया, तो तुमने नहीं चलाया, बल्कि अल्लाह ने चलाया," और इस बारे में बहुत सारी आयतें, अहादीस और असर मौजूद हैं। और अल्लाह द्वारा एक अपराधी को सच्ची तौबा की ओर कान पकड़कर लाने के कारण की व्याख्या।› शेर 2256
M5:2256 — نوبت جستن اگر در من رسد / وه که جان من چه سختیها کشد
نوبت جستن اگر در من رسدوه که جان من چه سختیها کشد
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M5:2256
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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