पढ़िए दफ़्तर 5 जंगल काटने वाले गधे की कहानी जो ख़ास अस्तबल में तेज़ घोड़ों को देखकर उनकी दौलत की तमन्ना करने लगा। यह नसीहत है कि केवल माफ़ी, इनायत और हिदायत की तमन्ना करनी चाहिए, क्योंकि अगर तुम सौ तरह की तकलीफ़ में भी हो, तो जब माफ़ी की लज़्ज़त मिलेगी, सब कुछ मीठा हो जाएगा। बाकी हर वो दौलत जिसकी तुम बिना आज़माए तमन्ना करते हो, उसके साथ एक ऐसी तकलीफ़ जुड़ी है जिसे तुम नहीं देखते, जैसे हर जाल में दाना दिख जाता है और फाँस छिपा रहता है। तुम इस एक जाल में फँसे हो, और तमन्ना करते हो कि काश मैं उन दानों के साथ जाता। तुम समझते हो कि वो दाने बिना जाल के हैं। शेर 2360

M5:2360 — پشتش از بار گران صد جای ریش / عاشق و جویان روز مرگ خویش

پشتش از بار گران صد جای ریشعاشق و جویان روز مرگ خویش
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:2360

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.