पढ़िए दफ़्तर 5 यह बयान कि व्यक्ति के अंदरूनी नूर से, बिना किसी क्रिया या कथन के, वह नूर खुद अपनी रोशनी पर गवाही देता है; यह बयान कि वह नूर, عارف की आत्मा के अंदर से, बिना عارف की क्रिया और कथन के, लोगों पर स्वयं ही प्रकट होता है, उससे कहीं ज़्यादा जो उसके कथन और क्रिया से प्रकट होता है, जैसे जब सूरज उगता है तो मुर्गे की आवाज़, मुअज़्ज़िन का ऐलान और अन्य निशानों की ज़रूरत नहीं होती शेर 242

M5:242 — شاهدی‌اش فارغ آمد از شهود / وز تکلّف‌ها و جانبازی و جود

شاهدی‌اش فارغ آمد از شهودوز تکلّف‌ها و جانبازی و جود
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M5:242

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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