पढ़िए› दफ़्तर 5› उस मुख़न्निस (हिजड़े) की कहानी और उस लुती (समलैंगिक) का उससे लवाते (गुदा मैथुन) की हालत में पूछना कि "यह ख़ंजर किस लिए है?" उसने कहा, "इसलिए कि जो भी मेरे बारे में बुरा सोचेगा, मैं उसका पेट फाड़ दूँगा।" लुती उसके ऊपर-नीचे होता रहा और कहता रहा, "अलहमदुलिल्लाह कि मैं तुम्हारे बारे में बुरा नहीं सोचता।" "मेरा शेर एक घर नहीं, एक साम्राज्य है; मेरी हास्य एक मज़ाक नहीं, एक शिक्षा है।" "अल्लाह इस बात से नहीं शरमाता कि वह एक मच्छर का या उससे भी छोटी चीज़ का दृष्टांत दे।" यानी, आत्माओं को इनकार से बदलने में इससे बढ़कर क्या हो सकता है कि "अल्लाह ने इस दृष्टांत से क्या इरादा किया है?" और फिर जवाब फ़रमाता है कि "मैंने यह इसलिए चाहा ताकि वह बहुतों को गुमराह करे और बहुतों को हिदायत दे," क्योंकि हर फ़ितना एक तराजू की तरह है। बहुत से लोग उससे सुर्ख़रू हो जाते हैं और बहुत से बे-मुराद हो जाते हैं। और यदि तुम उसमें थोड़ा भी गौर करोगे, तो उसके शरीफ़ नतीजों में बहुत कुछ पाओगे।› शेर 2512
M5:2512 — معده را بگذار و سوی دل خرام / تا که بیپرده ز حق آید سلام
M5:2512
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
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