पढ़िए दफ़्तर 5 यह बताते हुए कि अहद और तौबा तोड़ना आफ़त का सबब होता है, बल्कि मसख़ का सबब होता है, जैसा कि असहाब-ए-सब्त के हक में और ईसा के असहाब-ए-मायदा के हक में हुआ, और "उनमें से बंदर और सुअर बना दिए गए।" और इस उम्मत में दिल का मसख़ होना होगा, और क़यामत में जिस्म को दिल की सूरत दी जाएगी। हम अल्लाह की पनाह मांगते हैं। शेर 2594

M5:2594 — آن سگ اصحاب خوش بد سیرتش / هیچ بودش منقصت زان صورتش

آن سگ اصحاب خوش بد سیرتشهیچ بودش منقصت زان صورتش
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M5:2594

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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