पढ़िए दफ़्तर 5 सुन्नी मुसलमान का जाबरी काफिर को जवाब देना और बंदे के इख्तियार को साबित करने के लिए दलील देना। सुन्नत एक कुचला हुआ रास्ता है जिसे नबियों (उन पर सलाम) के कदमों ने कुचला है। उस रास्ते के दाहिनी ओर जबर का जंगल है जहाँ इंसान खुद को इख्तियार में नहीं देखता और अम्र व न ही का इंकार करता है और उसकी तावील करता है। और अम्र व न ही का इंकार करने से जन्नत का इंकार लाज़िम आता है, जो अम्र के फरमाबरदारों का बदला है, और दोज़ख जो अम्र के मुखालिफों का बदला है। और मैं आगे नहीं कहूँगा कि यह कहाँ तक पहुँचता है, क्योंकि अक़लमंद के लिए इशारा ही काफी है। और उस रास्ते के बाईं ओर क़दर का जंगल है जहाँ खालिक की क़ुदरत को मखलूक की क़ुदरत से मغلूब मानता है, और उससे वही फ़साद पैदा होते हैं जिनकी गिनती वह जाबरी काफिर करता है। शेर 2975

M5:2975 — چونک مطلوبی برین کس عرضه کرد / اختیار خفته بگشاید نورد

چونک مطلوبی برین کس عرضه کرداختیار خفته بگشاید نورد
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M5:2975

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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