पढ़िए दफ़्तर 5 और इसी तरह, "क़लम सूख गया" का अर्थ है कि क़लम सूख गया और लिख दिया गया कि आज्ञाकारिता और अवज्ञा बराबर नहीं हैं, अमानत और चोरी बराबर नहीं हैं। क़लम सूख गया कि शुक्र और कुफ़्र बराबर नहीं हैं। क़लम सूख गया कि अल्लाह नेक काम करने वालों का बदला ज़ाया नहीं करता। शेर 3153

M5:3153 — زین چو سگ را بوسه بر پوزش دهد / گر بود شیری چه پیروزش کند

زین چو سگ را بوسه بر پوزش دهدگر بود شیری چه پیروزش کند
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:3153

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.