पढ़िए› दफ़्तर 5› ज़िया-ए-दलक़ की कहानी, जो बहुत लंबा था, और उसका भाई शेख-उल-इस्लाम ताज़ बलख़ बहुत छोटा कद का था। और यह शेख-उल-इस्लाम अपने भाई ज़िया से शर्मिंदा रहता था। ज़िया उसकी कक्षा में आया, और बलख़ के सभी बड़े लोग उसकी कक्षा में मौजूद थे। ज़िया ने सलाम किया और चला गया। शेख-उल-इस्लाम ने आधा खड़ा होकर सरसरी तौर पर कहा, 'हाँ, तुम बहुत लंबे हो, थोड़ा कम करो।'› शेर 3478
M5:3478 — گر حلال آمد پی قوت عوام / طالبان دوست را آمد حرام
گر حلال آمد پی قوت عوامطالبان دوست را آمد حرام
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M5:3478
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.