पढ़िए दफ़्तर 5 इस आयत की व्याख्या कि 'और निश्चय ही परलोक ही वास्तविक जीवन है, यदि वे जानते', कि उस लोक की दीवारें और मैदान, जल और पात्र, फल और वृक्ष सब जीवित हैं और बोलते और सुनते हैं, और इसी कारण मुस्तफ़ा (उन पर शांति हो) ने फ़रमाया कि 'दुनिया एक मुर्दा जानवर है और इसके चाहने वाले कुत्ते हैं' और यदि परलोक में जीवन न होता तो परलोक भी मुर्दा जानवर होता। मुर्दा जानवर को उसकी मुर्दा हालत के कारण मुर्दा कहते हैं, न कि उसकी बदबू और भयानक रूप के कारण शेर 3613

M5:3613 — چون عتاب اهبطوا انگیختند / هم‌چو هاروتش نگون آویختند

چون عتاب اهبطوا انگیختندهم‌چو هاروتش نگون آویختند
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:3613

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.