पढ़िए› दफ़्तर 5› इस आयत की व्याख्या कि 'और निश्चय ही परलोक ही वास्तविक जीवन है, यदि वे जानते', कि उस लोक की दीवारें और मैदान, जल और पात्र, फल और वृक्ष सब जीवित हैं और बोलते और सुनते हैं, और इसी कारण मुस्तफ़ा (उन पर शांति हो) ने फ़रमाया कि 'दुनिया एक मुर्दा जानवर है और इसके चाहने वाले कुत्ते हैं' और यदि परलोक में जीवन न होता तो परलोक भी मुर्दा जानवर होता। मुर्दा जानवर को उसकी मुर्दा हालत के कारण मुर्दा कहते हैं, न कि उसकी बदबू और भयानक रूप के कारण› शेर 3628
M5:3628 — روزهداران را بود آن نان و خوان / خرمگس را چه ابا چه دیگدان
روزهداران را بود آن نان و خوانخرمگس را چه ابا چه دیگدان
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M5:3628
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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