पढ़िए› दफ़्तर 5› अयाज़ी रहमतुल्लाह की कहानी, जिन्होंने सत्तर युद्ध लड़े थे, शहादत की उम्मीद में सीना खुला रखते थे। जब उन्हें उससे निराशा हुई, तो उन्होंने जिहाद-ए-असग़र से जिहाद-ए-अकबर की ओर रुख किया और एकांतवास किया। अचानक उन्होंने गाज़ियों के नगाड़े सुने, तो उनका नफ़्स अंदर से ज़ंजीरें तोड़ रहा था युद्ध की ओर जाने के लिए, और उन्होंने इस लालसा में अपने नफ़्स पर इल्ज़ाम लगाया।› शेर 3794
M5:3794 — زانک در خلوت هر آنچ تن کند / نه از برای روی مرد و زن کند
زانک در خلوت هر آنچ تن کندنه از برای روی مرد و زن کند
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M5:3794
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.