पढ़िए दफ़्तर 5 अयाज़ी रहमतुल्लाह की कहानी, जिन्होंने सत्तर युद्ध लड़े थे, शहादत की उम्मीद में सीना खुला रखते थे। जब उन्हें उससे निराशा हुई, तो उन्होंने जिहाद-ए-असग़र से जिहाद-ए-अकबर की ओर रुख किया और एकांतवास किया। अचानक उन्होंने गाज़ियों के नगाड़े सुने, तो उनका नफ़्स अंदर से ज़ंजीरें तोड़ रहा था युद्ध की ओर जाने के लिए, और उन्होंने इस लालसा में अपने नफ़्स पर इल्ज़ाम लगाया। शेर 3805

M5:3805 — با مسلمانان به کافر وقت کر / وانگشت او با مسلمانان به فر

با مسلمانان به کافر وقت کروانگشت او با مسلمانان به فر
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:3805

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.