पढ़िए› दफ़्तर 5› जब बादशाह को उस ख़यानत का पता चला तो उसने उसे छुपाने और माफ़ करने का इरादा किया और उसे उस अमीर को दे दिया, और वह समझ गया कि वह फ़ितना उसी की सज़ा थी और उसी का इरादा था और मोसुल के मालिक पर उसी का ज़ुल्म था, कि 'और जिसने बुरा किया, तो उस पर ही है, और निश्चय ही तेरा रब घात में है', और उसे डर था कि यदि वह बदला लेगा तो वह बदला भी उसी पर आ पड़ेगा, जैसे यह ज़ुल्म और लालच उस पर आ पड़ा था› शेर 3996
M5:3996 — غصب کردم از شه موصل کنیز / غصب کردند از من او را زود نیز
غصب کردم از شه موصل کنیزغصب کردند از من او را زود نیز
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M5:3996
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
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