पढ़िए दफ़्तर 5 बादशाह का दरबार और सभा में वज़ीर के हाथ में जौहर देना कि 'यह कितने का है', और वज़ीर का उसकी क़ीमत में बहुत ज़्यादा कहना, और बादशाह का उसे 'अब इसे तोड़ दो' कहना, और वज़ीर का कहना कि 'इसे कैसे तोडूं' आखिर तक की कहानी शेर 4047

M5:4047 — گرچه تقلیدست استون جهان / هست رسوا هر مقلد ز امتحان

گرچه تقلیدست استون جهانهست رسوا هر مقلد ز امتحان
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M5:4047

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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