पढ़िए› दफ़्तर 5› यह बयान कि ईश्वर की कृपा को हर कोई जानता है और ईश्वर के क्रोध को हर कोई जानता है, और हर कोई ईश्वर के क्रोध से भागता है और उसकी कृपा से चिपका रहता है, लेकिन ईश्वर ने क्रोधों को कृपा में छिपा दिया और कृपाओं को क्रोध में छिपा दिया, उल्टे नाल का खेल और ईश्वर की चाल थी ताकि समझदार और वे जो अल्लाह के नूर से देखते हैं, वे तत्काल देखने वालों और सतही देखने वालों से अलग हो जाएँ, ताकि 'तुम्हारी परीक्षा ले कि तुम में से कौन कर्मों में सबसे अच्छा है'› शेर 456
M5:456 — لیک گر آیینه از بن فاسدست / صیقل او را دیر باز آرد به دست
لیک گر آیینه از بن فاسدستصیقل او را دیر باز آرد به دست
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M5:456
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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