पढ़िए दफ़्तर 5 उस अरबी की कहानी जिसका कुत्ता भूख से मर रहा था और उसकी थैली रोटियों से भरी थी, और वह कुत्ते पर रो रहा था, कविताएँ कह रहा था और आँसू बहा रहा था, और अपना सिर और चेहरा पीट रहा था, और उसे थैली से कुत्ते को एक निवाला देने में अफ़सोस हो रहा था शेर 494

M5:494 — مکر حق را بین و مکر خود بهل / ای ز مکرش مکر مکاران خجل

مکر حق را بین و مکر خود بهلای ز مکرش مکر مکاران خجل
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M5:494

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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