पढ़िए› दफ़्तर 5› उस हकीम की कहानी जिसने एक मोर को देखा कि वह अपनी सुंदर परों को चोंच से नोचकर फेंक रहा था और अपने शरीर को गंजा और बदसूरत बना रहा था, आश्चर्य से उसने पूछा कि 'क्या तुम्हें अफ़सोस नहीं होता?' उसने कहा 'होता है, लेकिन मेरे लिए जान परों से ज़्यादा प्यारी है और यह पर मेरी जान का दुश्मन है'› शेर 537
M5:537 — خود دلت چون میدهد تا این حلل / بر کنی اندازیش اندر وحل
خود دلت چون میدهد تا این حللبر کنی اندازیش اندر وحل
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M5:537
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
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