पढ़िए दफ़्तर 5 पैगंबर (अलैहिस्सलाम) के इस कथन की व्याख्या कि 'जो मर गया, वह नहीं मरा, सिवाय इसके कि उसने मरने से पहले मरने की इच्छा की हो, अगर वह नेक था तो नेकी तक जल्दी पहुँचने के लिए, और अगर वह पापी था तो अपने पापों को कम करने के लिए' शेर 613

M5:613 — نوحه و گریهٔ دراز دردمند / هر که آنجا بود بر گریه‌ش فکند

نوحه و گریهٔ دراز دردمندهر که آنجا بود بر گریه‌ش فکند
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:613

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.