पढ़िए दफ़्तर 5 मुहम्मद ख़्वारज़्म शाह की कहानी जिसने सब्ज़वार शहर को, जहाँ सभी शिया थे, युद्ध से जीत लिया, लेकिन उन्होंने जान बख्शने की भीख माँगी। उसने कहा कि 'मैं तभी अमान दूंगा जब तुम इस शहर से मेरे लिए तोहफ़े के तौर पर अबू बक्र नाम का कोई व्यक्ति लाओगे' शेर 844

M5:844 — شد محمد الپ الغ خوارزمشاه / در قتال سبزوار پر پناه

شد محمد الپ الغ خوارزمشاهدر قتال سبزوار پر پناه
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M5:844

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.