पढ़िए दफ़्तर 5 मुहम्मद ख़्वारज़्म शाह की कहानी जिसने सब्ज़वार शहर को, जहाँ सभी शिया थे, युद्ध से जीत लिया, लेकिन उन्होंने जान बख्शने की भीख माँगी। उसने कहा कि 'मैं तभी अमान दूंगा जब तुम इस शहर से मेरे लिए तोहफ़े के तौर पर अबू बक्र नाम का कोई व्यक्ति लाओगे' शेर 872

M5:872 — این چنین دل ریزه‌ها را دل مگو / سبزوار اندر ابوبکری بجو

این چنین دل ریزه‌ها را دل مگوسبزوار اندر ابوبکری بجو
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M5:872

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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