पढ़िए दफ़्तर 5 मुहम्मद ख़्वारज़्म शाह की कहानी जिसने सब्ज़वार शहर को, जहाँ सभी शिया थे, युद्ध से जीत लिया, लेकिन उन्होंने जान बख्शने की भीख माँगी। उसने कहा कि 'मैं तभी अमान दूंगा जब तुम इस शहर से मेरे लिए तोहफ़े के तौर पर अबू बक्र नाम का कोई व्यक्ति लाओगे' शेर 880

M5:880 — صد جوال زر بیاری ای غنی / حق بگوید دل بیار ای منحنی

صد جوال زر بیاری ای غنیحق بگوید دل بیار ای منحنی
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M5:880

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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