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بخش ۱۴۱ - فرمودن شاه به ایاز بار دگر کی شرح چارق و پوستین آشکارا بگو تا خواجهتاشانت از آن اشارت پند گیرد کی الدین النصیحة و موعظه یابند
बादशाह का अयाज़ को फिर से हुक्म देना कि जूती और चमड़े के कोट की शरह खुल कर बताओ, ताकि तुम्हारे खाजा-ताश (साथी) उस इशारे से नसीहत हासिल करें, कि "दीन नसीहत है," और उन्हें उपदेश मिले।