पढ़िए दफ़्तर 1 एक संत के कथन की व्याख्या: “जिस चीज़ से तुम रास्ते से भटक जाओ, चाहे वह शब्द कुफ़्र हो या ईमान; जिस चीज़ से तुम दोस्त से दूर हो जाओ, चाहे वह शक्ल बदसूरत हो या खूबसूरत” और हदीस के अर्थ में कि “सा'द बहुत ग़यूर हैं, और मैं सा'द से ज़्यादा ग़यूर हूँ, और अल्लाह मुझसे ज़्यादा ग़यूर है, और उसकी ग़ैरत के कारण फ़वाहिश, चाहे वो ज़ाहिर हों या बातिन, हराम कर दी गई हैं” शेर 1809

M1:1809 — از غم و شادی نباشد جوش ما / با خیال و وهم نبود هوش ما

از غم و شادی نباشد جوش مابا خیال و وهم نبود هوش ما
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M1:1809

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.