पढ़िए दफ़्तर 1 एक संत के कथन की व्याख्या: “जिस चीज़ से तुम रास्ते से भटक जाओ, चाहे वह शब्द कुफ़्र हो या ईमान; जिस चीज़ से तुम दोस्त से दूर हो जाओ, चाहे वह शक्ल बदसूरत हो या खूबसूरत” और हदीस के अर्थ में कि “सा'द बहुत ग़यूर हैं, और मैं सा'द से ज़्यादा ग़यूर हूँ, और अल्लाह मुझसे ज़्यादा ग़यूर है, और उसकी ग़ैरत के कारण फ़वाहिश, चाहे वो ज़ाहिर हों या बातिन, हराम कर दी गई हैं” शेर 1813

M1:1813 — صبح شد ای صبح را صبح و پناه / عذر مخدومی حسام‌الدین بخواه

صبح شد ای صبح را صبح و پناهعذر مخدومی حسام‌الدین بخواه
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M1:1813

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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