पढ़िए दफ़्तर 1 पत्नी का अपने पति को सलाह देना कि अपने कदम और अपनी हैसियत से बढ़कर बात न करो, तुम ऐसी बातें क्यों कहते हो जो तुम करते नहीं हो, क्योंकि ये बातें, भले ही सच हों, यह तुम्हारी तवक्कल की हैसियत नहीं है और अपनी हैसियत और अपने व्यवहार से बढ़कर बात करना हानिकारक है और यह अल्लाह के निकट घृणित अभिमान है शेर 2329

M1:2329 — این قناعت نیست جز گنج روان / تو مزن لاف ای غم و رنج روان

این قناعت نیست جز گنج روانتو مزن لاف ای غم و رنج روان
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M1:2329

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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