पढ़िए› दफ़्तर 3› एक प्रेमी की कहानी जो प्रेम पत्र पढ़ने और अपनी प्रेमिका की उपस्थिति में प्रेम पत्र का अध्ययन करने में व्यस्त था और प्रेमिका को यह नापसंद आया, क्योंकि "प्रमाण की उपस्थिति में प्रमाण की तलाश करना अनुचित है और ज्ञात तक पहुँचने के बाद ज्ञान में व्यस्त रहना निंदनीय है"› शेर 1449
M3:1449 — هرچه داری تو ز مال و پیشهای / نه طلب بود اول و اندیشهای؟
هرچه داری تو ز مال و پیشهاینه طلب بود اول و اندیشهای؟
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M3:1449
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.