पढ़िए दफ़्तर 3 उस पहाड़ी तपस्वी की कहानी का शेष भाग जिसने यह मन्नत मानी थी कि मैं पेड़ से जंगली फल नहीं तोड़ूँगा और पेड़ को नहीं झाड़ूँगा और किसी को सीधे या इशारे से नहीं कहूँगा कि उसे झाड़ो, मैं वही खाऊँगा जो हवा ने पेड़ से गिराया होगा शेर 1642

M3:1642 — باد پَر را هر طرف راند گزاف / گه چپ و گه راست با صد اختلاف

باد پَر را هر طرف راند گزافگه چپ و گه راست با صد اختلاف
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M3:1642

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

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