पढ़िए दफ़्तर 3 उस पहाड़ी तपस्वी की कहानी का शेष भाग जिसने यह मन्नत मानी थी कि मैं पेड़ से जंगली फल नहीं तोड़ूँगा और पेड़ को नहीं झाड़ूँगा और किसी को सीधे या इशारे से नहीं कहूँगा कि उसे झाड़ो, मैं वही खाऊँगा जो हवा ने पेड़ से गिराया होगा शेर 1644

M3:1644 — هر زمان دل را دگر رایی بود / آن نه از وی لیک از جایی بود

هر زمان دل را دگر رایی بودآن نه از وی لیک از جایی بود
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M3:1644

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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