पढ़िए› दफ़्तर 3› यह बयान कि अल्लाह तआला ने जो कुछ भी दिया और पैदा किया, चाहे वह आसमान और ज़मीन हो, या अयान और आराज़, सब ज़रूरत की मांग पर पैदा किया; ख़ुद को किसी चीज़ का ज़रूरतमंद बनाना चाहिए ताकि वह दे; क्योंकि 'कौन है जो मजबूर की दुआ क़ुबूल करे जब वह पुकारता है'; मजबूरी इस्तहक़ाक का गवाह है› शेर 3213

M3:3213 — تا نزاید طفلک ِ نازک‌گلو / کی روان گردد ز پستان شیر او‌؟

تا نزاید طفلک ِ نازک‌گلوکی روان گردد ز پستان شیر او‌؟
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M3:3213

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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