पढ़िए› दफ़्तर 3› यह बयान कि अल्लाह तआला ने जो कुछ भी दिया और पैदा किया, चाहे वह आसमान और ज़मीन हो, या अयान और आराज़, सब ज़रूरत की मांग पर पैदा किया; ख़ुद को किसी चीज़ का ज़रूरतमंद बनाना चाहिए ताकि वह दे; क्योंकि 'कौन है जो मजबूर की दुआ क़ुबूल करे जब वह पुकारता है'; मजबूरी इस्तहक़ाक का गवाह है› शेर 3215

M3:3215 — بعد از آن از بانگ زنبور هوا / بانگ آب جو بنوشی ای کیا

بعد از آن از بانگ زنبور هوابانگ آب جو بنوشی ای کیا
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M3:3215

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