पढ़िए दफ़्तर 3 मानव को यह जताने के लिए कि वह उसका मालिक और शासक है, इरादों को भंग करना और रद्द करना; कभी-कभी उसके संकल्प को भंग न करना और उसे लागू रखना ताकि उसे संकल्प लेने की इच्छा रहे, फिर उसके संकल्प को तोड़ना ताकि बार-बार जागृति हो शेर 4468

M3:4468 — پس شدند اشکسته‌اش آن صادقان / لیک کو خود آن شکست عاشقان

پس شدند اشکسته‌اش آن صادقانلیک کو خود آن شکست عاشقان
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M3:4468

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.