पढ़िए› दफ़्तर 3› इस आयत की व्याख्या कि यदि तुम विजय की प्रार्थना करते हो तो निश्चय ही विजय तुम्हारे पास आ गई है: कुछ निंदक कह रहे थे कि हम में से और मुहम्मद (उन पर शांति हो) में से जो भी सत्य के साथ है उसे विजय और सहायता प्रदान करो। यह तुम इसलिए कह रहे थे ताकि यह लगे कि तुम बिना किसी स्वार्थ के सत्य के इच्छुक हो। अब हमने मुहम्मद को सहायता प्रदान की है ताकि तुम सत्य के मालिक को देख सको› शेर 4486
M3:4486 — آنک حق و راستست از ما و او / نصرتش ده نصرت او را بجو
آنک حق و راستست از ما و اونصرتش ده نصرت او را بجو
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M3:4486
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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