पढ़िए› दफ़्तर 3› इस आयत की व्याख्या कि यदि तुम विजय की प्रार्थना करते हो तो निश्चय ही विजय तुम्हारे पास आ गई है: कुछ निंदक कह रहे थे कि हम में से और मुहम्मद (उन पर शांति हो) में से जो भी सत्य के साथ है उसे विजय और सहायता प्रदान करो। यह तुम इसलिए कह रहे थे ताकि यह लगे कि तुम बिना किसी स्वार्थ के सत्य के इच्छुक हो। अब हमने मुहम्मद को सहायता प्रदान की है ताकि तुम सत्य के मालिक को देख सको› शेर 4494
M3:4494 — ما هم از ایام بختآور شدیم / بارها بر وی مظفر آمدیم
ما هم از ایام بختآور شدیمبارها بر وی مظفر آمدیم
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M3:4494
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.