पढ़िए दफ़्तर 4 मुस्तफा के दादा अब्दुल मुत्तलिब को हलिमा द्वारा मुहम्मद (उन पर शांति हो) के खोने की खबर मिलना, और उनका शहर भर में तलाश करना, काबा के दरवाज़े पर रोना और अल्लाह से दुआ मांगना, और उनका मुहम्मद (उन पर शांति हो) को पाना शेर 1017

M4:1017 — می‌شکافد آسمان از شادیش / خاک چون سوسن شده ز آزادیش

می‌شکافد آسمان از شادیشخاک چون سوسن شده ز آزادیش
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M4:1017

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.