पढ़िए› दफ़्तर 4› वह कवि कई साल बाद उसी इनाम की उम्मीद में वापस आया, और राजा ने अपनी आदत के अनुसार हजार दीनार का हुक्म दिया। नए वज़ीर ने भी हसन नाम का था, उसने राजा से कहा कि यह बहुत ज़्यादा है और हमारे पास खर्चे हैं और खज़ाना खाली है, और मैं उसे दसवें हिस्से में खुश कर दूंगा› शेर 1228
M4:1228 — این زمان او رفت و احسان را ببرد / او نمرد الحق بلی احسان بمرد
این زمان او رفت و احسان را ببرداو نمرد الحق بلی احسان بمرد
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें
M4:1228
❋ ❋ ❋
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
❋
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
Your conversation stays on this device unless you share it.
What readers asked0
No questions shared yet — yours could be the first.