पढ़िए दफ़्तर 4 एक व्यक्ति इस्तेंजे के समय 'अल्लाहुम्म रहनी राइहतल जन्नत' कह रहा था, जबकि उसे 'अल्लाहुम्म अजअलनी मिनत्तव्वाबिन वजअलनी मिनल मुतत्ह्हिरिन' कहना था, जो इस्तेंजे की दुआ है। और वह इस्तेंजे की दुआ इस्तिनशाक़ के समय कह रहा था। एक बुज़ुर्ग ने सुना और यह सहन नहीं कर पाए। शेर 2221

M4:2221 — رایحهٔ جنت ز بینی یافت حر / رایحهٔ جنت کم آید از دبر

رایحهٔ جنت ز بینی یافت حررایحهٔ جنت کم آید از دبر
✦ इस बैत को हिन्दी में प्रस्तुत करें

M4:2221

❋ ❋ ❋

अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited

Your conversation stays on this device unless you share it.

What readers asked

No questions shared yet — yours could be the first.