पढ़िए› दफ़्तर 4› यह बयान कि आदमी के हर इंद्रिय-बोधक के लिए अन्य बोध भी होते हैं जिनकी उसे दूसरी इंद्रिय के बोधों से खबर नहीं होती, जैसे हर कारीगर एक अजनबी उस्ताद होता है और दूसरे कारीगर का काम करता है, और उसकी अज्ञानता कि यह उसका काम नहीं है, यह सिद्ध नहीं करती कि वे बोध नहीं हैं, यद्यपि स्थिति के अनुसार वह उन्हें नकारता है, लेकिन इस स्थान पर हम उसके इन्कार से केवल अज्ञानता ही चाहते हैं› शेर 2385
M4:2385 — چشم بستی گوش میآری به پیش / تا نمایی زلف و رخسارهٔ به تیش
چشم بستی گوش میآری به پیشتا نمایی زلف و رخسارهٔ به تیش
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M4:2385
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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