पढ़िए›
दफ़्तर 4›
यह बयान कि आदमी के हर इंद्रिय-बोधक के लिए अन्य बोध भी होते हैं जिनकी उसे दूसरी इंद्रिय के बोधों से खबर नहीं होती, जैसे हर कारीगर एक अजनबी उस्ताद होता है और दूसरे कारीगर का काम करता है, और उसकी अज्ञानता कि यह उसका काम नहीं है, यह सिद्ध नहीं करती कि वे बोध नहीं हैं, यद्यपि स्थिति के अनुसार वह उन्हें नकारता है, लेकिन इस स्थान पर हम उसके इन्कार से केवल अज्ञानता ही चाहते हैं›
शेर 2431
M4:2431 — زانک دید او که نصیحتجو نهای / تند و خونخواری و مسکینخو نهای
زانک دید او که نصیحتجو نهایتند و خونخواری و مسکینخو نهای
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M4:2431
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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
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