पढ़िए› दफ़्तर 4› उस राजकुमार की कहानी जिसे सच्ची बादशाहत प्राप्त हुई, 'जिस दिन मनुष्य अपने भाई से, अपनी माँ से और अपने पिता से भागेगा' उसके लिए वह समय नकद हो गया। इस मिट्टी के ढेर पर शासन करना, जो बच्चों का खेल है, जिसे वे किला फ़तह करना कहते हैं, वह बच्चा जो मिट्टी के ढेर पर चढ़कर दावा करता है 'यह किला मेरा है', दूसरे बच्चे उससे ईर्ष्या करते हैं कि 'मिट्टी बच्चों का बसंत है'। जब वह राजकुमार रंगों के बंधन से मुक्त हुआ तो उसने कहा, 'मैं इन रंगीन मिट्टियों को वही नीच मिट्टी कहता हूँ, सोना, एटलस और एक्सेलेंस नहीं कहता। मैं इस एक्सेलेंस से मुक्त होकर एक तरफ़ चला गया।' और 'हमने उसे बचपन में ही ज्ञान दिया', ईश्वर के मार्गदर्शन के लिए वर्षों की आवश्यकता नहीं होती, 'हो जा' की शक्ति में कोई भी योग्यता की बात नहीं कहता› शेर 3089
M4:3089 — در میان این دو مرگ او زنده است / این مطوق شکل جای خنده است
M4:3089
अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI
Discussion — Ask about this beyt — answered from the Masnavi, every verse cited
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