पढ़िए दफ़्तर 4 उज़ैर (अलैहिस्सलाम) के बच्चों की कहानी, जो अपने पिता के बारे में पूछते थे, वे कहते थे 'हाँ, मैंने उन्हें देखा, वे आ रहे हैं।' कुछ उन्हें पहचान कर बेहोश हो गए, कुछ ने नहीं पहचाना, वे कहते थे 'यह तो ख़ुशख़बरी दी है, यह बेहोश होना क्या है?' शेर 3274

M4:3274 — وهم را مژده‌ست و پیش عقل نقد / ز انک چشم وهم شد محجوب فقد

وهم را مژده‌ست و پیش عقل نقدز انک چشم وهم شد محجوب فقد
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M4:3274

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अर्थ · به زبانِ تو — आपकी भाषा · AI

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